ಅಸೈನ್
ಮೆಂಟ್-10
ಮನೆಯಿಂದಲೇ ಕೆಲಸದಡಿಯಲ್ಲಿ ವೃತ್ತಿ ನೈಪುಣ್ಯತೆಯನ್ನು ಹೆಚ್ಚಿಸಿಕೊಳ್ಳುವಿಕೆ ಕುರಿತಾಗಿ ೪೦೦ ಪದಗಳ ಲೇಖನ |
SUBJECT TEACHER : SHRI TIPPANNA DHOTRE A.M
SUB: HINDI
कोविड-१९ के इस प्रस्तुत वैश्विक महामारी के इस त्रासदी परिस्तिति में न केवल शिक्षा विभाग बल्की सारे काम काज ठप्प पड गये हैं | अत: इस संकटदायी स्थिति में हमें डरकर पीछे हटने के बजाय प्रगति एवं सफलता के नये मार्ग खोजने की आवश्यकता है | आज के इस विषम स्थिति में हमें कुछ ऐसे मार्गों को खोजने की आवश्यकता है जिसके माध्यम से हमें सफलता की एक नई मिसाल कायम करनी होगी |
प्रत्येक संकट के
लिए प्रकृति का कोई न कोई उपाय जरूर होता है | अत: हमें उन उपायों को खोजने का प्रयास करनी चाहिए | आज के इस दौर में हम सभी को मिलकर यह सोचने
की आवश्यकता है कि शैक्षिक व्यवस्था को किस तरह से फिर पटरी पर लाया जा सकता है | इस
दिशा में कुछ एक सलाह इस प्रकार से भी दिये जा सकते हैं, जो निम्नांकित हैं |
१) छात्रों को आधुनिक तकनीकी के द्वारा घर पर ही शिक्षा प्रदान किया जा सकता है |
२) छात्रों को वैट्स ऐप तथा गूगल मीट जैसे विधानों से शिक्षा प्रदान
करते हुए उन्हें समय-समय पर उचित निर्देशन द्वारा देखरेख किया जा सकता है |
३) छात्रों तथा उनके अभिभावकों को फोन तथा भेंट के द्वारा उनको प्रेरित करना तथा मार्गदर्शन करते हुए छात्रों
को सीखने में सहायता प्रदान किया जा सकता है |
४) अध्यापक शैक्षणिक सामग्रियों को छात्रों तक पहुÆचाकर सरलता से सीखने में मदद कर सकते हैं | जैसे आडियो, विडियो, पी.पी.टी जैसे साधनों को
|
५) सप्ताह में एक बार अध्यापक विध्यार्थियों के घर जाकर उनके किए
ग्रहकार्य की जाÆच
कर उन्हें उचित सलाह मार्गदर्शन दे सकते हैं, जिससे छात्र अध्यापक घर आने से अधिक उत्साहित
हो सकते हैं |
६) छात्रों के लिए आनलाइन कूटप्रश्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उन्हें
उनकी सफलता पर प्रोत्साहित कर सीखने के लिए उनके साथ अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया
जा सकता है |
उपरोक्त विधानों के माध्यम से इस महामारी के
दौर में हम विध्यार्थियों को धैर्य तथा गंभीरता के साथ अपने शैक्षिक उन्नति के लिए
सहायता तथा प्रेरणा प्रदान करते हुए आगे बढ सकते हैं | अत: इन सभी बातों के लिए अध्यापक को प्रभल इच्छाशक्ति
के साथ आगे बढना जरूरी है |
ನಿರ್ವಹಿಸಿದ ಶಿಕ್ಷಕರ ರುಜು ಪರಿಶೀಲಿಸಿದ ಉಪ-ಪ್ರಾಚಾರ್ಯರ ರುಜು
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